Thursday, 14 September 2017

'Detained Indian ship in UK to be sold over unpaid wages'

London: A UK court on Thursday gave the go-ahead to British authorities for selling an Indian ship detained in Scotland last year to recover the unpaid wages of 11-member Indian crew.

The International Transport Workers' Federation (ITF) believes that the crew, still aboard the vessel 'Malaviya Seven', are now owed more than 600,000 pounds (USD 803,760).

It expects that the sale of the ship by an auction will cover the unpaid wages of the 11-member Indian crew.

The crew were eventually paid and the ship was released but it returned to Aberdeen under a different contract two months later and detained on identical charges.

Aberdeen Sheriff Court heard there has already been interest in the vessel, which will be advertised for sale around the world.

One estimate puts its sale price at 850,000 pounds (USD 1.1 million) and scrap value at 670,000 pounds (USD 896,955), while the union representing the crew believes it may be worth up to 1.1 million pounds (USD 1.47 million).

Aberdeen Harbour hopes to recover some of its costs to pay for the ship's long stay at the port but has said it will not take the funds out of the crew's wages.

The UK is part of a regional agreement known as the Paris Memorandum of Understanding on Port State Control under which information on all ships inspected is held centrally in an electronic database.

Source:-Zeenews

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Friday, 18 August 2017

Doklam stand-off: Japan extends support to India, Bhutan

New Delhi: In a major development, Japan has decided to support India and Bhutan in the ongoing India-China border standoff at Doklam in Sikkim. There should be no attempt to change the status quo on the ground by force, said Japanese ambassador Kenji Hiramatsu.

The statement of support comes a month ahead of Japanese Prime Minister Shinzo Abe’s visit to India from September 13 to 15.

Japan's statements comes two months after the Indian Army stopped the China's People's Liberation Army (PLA) from constructing a road through Dokam.

Japan, which has had similar territorial disputes with China, feels that the ongoing stand-off can affect the stability of the entire region.

Source:-Zeenews

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Thursday, 3 August 2017

हरियाणा : अंतरराष्‍ट्रीय हॉकी खिलाड़ी की संदिग्‍ध हालात में मौत

रेवाड़ी : अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ज्योति गुप्ता का शव रोहतक रेल लाइन पर पड़ा मिला. वह सोनीपत की रहने वाली थीं. परिजनों ने बताया कि ज्योति बुधवार सुबह ही रोहतक में महर्षि दयानंद विवि जाने के लिए घर से निकली थी. मौत के कारणों के बारे में अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि ज्योति रेवाड़ी कैसे पहुंची. परिजन ज्योति की मौत को आत्महत्या मानने के लिए तैयार नहीं हैं.

सूचना मिलने के बाद ज्योति के पिता, मां बबली और कोच अनिल कुमार समेत अन्य परिजन रेवाड़ी पहुंचे. प्रमोद गुप्ता ने बताया कि ज्योति बीए कर चुकी थी. उसके सर्टिफिकेट में दर्ज नाम गलत था, इसे ठीक कराने के लिए ही वह बुधवार सुबह एमडीयू रोहतक के लिए घर से निकली थी. शाम साढ़े पांच बजे ज्योति की मां से बात हुई तो उसने बताया था कि उसकी बस रास्ते में खराब हो गई है. एक घंटे में वह घर पहुंच जाएगी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ज्योति के रेवाड़ी पहुंचने और मौत की घटना की जांच की जा रही है. परिजनों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. कोच अनिल कुमार ने बताया कि ज्योति प्रतिभावन खिलाड़ी होने के साथ ही मिलनसार थी. स्टेट व नेशनल के अतिरिक्त ज्योति एशिया कप, गुवाहाटी में हुए सैफ गेम्स व स्पेन में भी खेल चुकी थी. ज्योति ने अपनी टीम को कई पदक भी दिलाए. बुधवार सुबह वह सोनीपत के महिला हॉकी ग्राउंड में अभ्यास करने आई थी. उसे अगले हफ्ते बेंगलुरु में होने वाले हॉकी कैंप में भी जाना था.

Source:-Zeenews

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Sunday, 30 July 2017

Mumbai teen jumps to death, cops suspect links to Blue Whale challenge

A 14-year-old boy allegedly committed suicide by jumping from the fifth floor of an Andheri (East) building on Saturday. The police are probing if the death is related to Blue Whale suicide challenge, an online social media group that allegedly goads vulnerable teens into killing themselves.

Senior police officials said they have not found anything in the boy’s mobile phone and his parents are unware if any such thing could be related to their child’s death. However, the boy’s friends on certain WhatsApp groups chatted about his death being linked to the suicide challenge.

The Meghwadi police have registered an accidental death report (ADR) and are probing further to find the reason behind the suicide. The police said the class 9 student lived in Sher-e-Punjab area of Andheri (East) and around 5pm, he went to his building’s terrace and jumped. A person standing near the building alerted the police.

Police will question his friends once his school reopens on Monday. Deputy Commissioner of Police (Zone 10) ND Reddy said they have recorded the statement of the eyewitness and filed an ADR.

Source:-Hindustantimes

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Tuesday, 25 July 2017

कोविंद के प्रेसिडेंट बनते ही पूर्व जस्टिस कर्णन ने लगाई सजा माफी की अर्जी

कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में छह महीने की सजा काट रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस सीएस. कर्णन ने रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनते ही उनके सामने सजा माफी की अर्जी दायर की है। कर्णन पिछले कुछ महीनों में काफी विवादित रहे हैं। उन्होंने यह अर्जी अपने वकील मैथ्यूज जे. नेदुम्पारा के जरिए नए राष्ट्रपति तक पहुंचाई है। वकील ने क्या कहा...

- कर्णन के मुताबिक, उन्होंने यह अर्जी संविधान की धारा 72 के तहत दायर की है। इसमें राष्ट्रपति को सजा माफी का अधिकार दिया गया है।
- बता दें कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की बेंच ने जस्टिस कर्णन को यह सजा सुनाई थी। उन्हें कोयम्बटूर से 20 जून को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें फिलहाल, प्रेसिडेंसी करेक्शनल होम (सुधार ग्रह) में रखा गया है।
- बता दें कि कर्णन किसी भी हाईकोर्ट के सजा पाने वाले पहले जज हैं।
क्या है मामला?
- जस्टिस कर्णन ने 23 जनवरी को पीएम को लेटर लिखकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों और मद्रास हाईकोर्ट के मौजूदा जजों पर करप्शन के आरोप लगाए थे। इसकी वजह से उन पर अवमानना का केस चल रहा है। कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी वो कोर्ट में हाजिर नहीं हुए हैं।
- चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुआई वाली सात जजों की बेंच ने 10 मार्च को जस्टिस कर्णन के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। उन्हें 31 मार्च को कोर्ट में हाजिर करने का ऑर्डर दिया गया था।

दलित होने की वजह से मुझ पर हो रही कार्रवाई: कर्णन
- कर्णन सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को लेटर लिखकर यह आरोप भी लगा चुके हैं कि दलित होने की वजह से उन पर यह एक्शन लिया जा रहा है।
उन्होंने अपने लेटर में लिखा था, "यह ऑर्डर (सुप्रीम कोर्ट का नोटिस) साफ तौर पर बताता है कि ऊंची जाति के जज कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और अपनी ज्यूडिशियल पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।"
- "यह एक एससी/एसटी (दलित) जज से छुटकारा पाने के लिए किया जा रहा है।"

Source:-Bhaskar

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9-year-old brings hope for HIV cure after spending 8 years in remission without drugs!

New Delhi: One of the most deadliest diseases to have gripped the world for ages is HIV/AIDS and finding a cure for it has posed the biggest challenge for scientists across the world.

When infected with the HIV virus, humans cannot produce the required antibodies to kill it, which is why the HIV vaccine has been a challenge to develop.

Transplants, though, are risky and not always the wise alternative, since it is impractical to try to cure the millions already infected.

That said, some researchers are targeting the next best alternative – long-term remission, when the immune system can control HIV without drugs even if signs of the virus remain.

Aggressive treatment soon after infection might enable that in some cases, and the South African girl is the third child who achieved a long remission after that approach.

She was in a study sponsored by the agency Fauci heads, the National Institute of Allergy and Infectious Diseases, that previously found that early versus delayed treatment helped babies survive.

The girl, whom researchers did not identify, started on HIV drugs when she was 2 months old and stopped 40 weeks later. Tests when she was 9½ years old found signs of virus in a small number of immune system cells, but none capable of reproducing. The girl does not have a gene mutation that gives natural resistance to HIV infection, Fauci said, so her remission seems likely due to the early treatment., the Associated Press said.

Source:-Jagran
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Sunday, 23 July 2017

पिता थे ड्राइवर, न पैसे थे और न सपने, फाइनल हारे लेकिन इस खिलाड़ी ने जीते करोड़ों दिल

शिवम् अवस्थी, नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। बेशक रविवार रात महिला विश्व कप जीतने का भारत का सपना टूट गया लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस फाइनल मैच व पूरे टूर्नामेंट में करोडों दिल जरूर जीते। इस टीम में कई ऐसी खिलाड़ी मौजूद थीं जिनकी कहानी हौसले से भरी है। उन्हीं में एक 27 वर्षीय ओपनर पूनम राउत भी हैं जिन्होंने रविवार को अपनी पारी से दिल जीता। अफसोस अंत में बाकी खिलाड़ी उनकी पारी का फायदा नहीं उठा सके।

- पिता-बेटी ने किया संघर्ष, मेहनत लाई रंग
पूनम के पिता मुंबई में एक निजी कंपनी में ड्राइवर की नौकरी करते हैं। एक समय था जब मुंबई के प्रभादेवी में उनका परिवार एक चॉल में रहता था। उस समय पूनम क्रिकेट खेलना चाहती थी लेकिन पैसों के आभाव को देखते हुए उन्होंने कभी बड़े सपने नहीं देखे। हालांकि उनके पिता जो कभी क्रिकेटर बनना चाहते थे, वो अपनी बेटी को निराश नहीं देख पा रहे थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक आज से तकरीबन 18 साल पहले पूनम के पिता जिनके लिए काम करते थे उन्होंने तकरीबन दस हजार रुपये दिए और इससे उन्होंने अपनी बेटी के लिए क्रिकेट के लिए जरूरी सामान खरीदा और पूनम का दाखिला क्रिकेट अकादमी में कराया। पूनम ने जमकर मेहनत की, मुंबई अंडर-14 से लेकर मुंबई अंडर-19 तक का सफर तय किया और 2009 में पहली बार भारतीय वनडे टीम में जगह हासिल की। मई 2015 में तब पूरी दुनिया में पूनम की चर्चा होने लगी जब दक्षिण अफ्रीका में खेलते हुए आयरलैंड के खिलाफ वनडे मैच में उन्होंने अपना पहला शतक (116 गेंदों में 109 रन) जड़ा।
- टूर्नामेंट की शुरुआत और अंत एक जैसा, ये हैं पूरे आंकड़े
पूनम राउत ने इस महिला विश्व कप में जमकर धमाल मचाया। पूनम ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी इंग्लैंड के खिलाफ 86 रनों से की थी और अंत भी इंग्लैंड के खिलाफ इतने ही रनों की पारी के साथ हुआ। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में 106 रनों की पारी भी खेली जो उनका दूसरा वनडे शतक साबित हुआ। पूनम ने टूर्नामेंट के 9 मैचों में 42.33 की औसत से 381 रन बनाए। वो इस विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में पांचवें पायदान पर रहीं जबकि मिताली राज (409) के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी भी बनीं। महिला क्रिकेट एक्सपर्ट सुनील कालरा कहते हैं, 'पूनम की खासियत रही है कि वो समय के हिसाब से अपना खेल बदलने की क्षमता रखती हैं। एक ओपनर के तौर पर उन्होंने भारत को कई बार अच्छी शुरुआत दी है और जल्दी विकेट गिरने पर वो दूसरा छोर संभालने में भी सक्षम हैं।'

Source:-Jagran
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